YouTube Content Creators, Facebook पर Videos डालने वाले और इंस्टाग्राम पर reels बनाने वाले लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है—यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम में से सबसे ज्यादा कमाई कहां से होती है? यह कमाई क्रिएटर्स को कब और कैसे मिलती है? आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

YouTube, Facebook और Instagram – कहां से होती है सबसे ज्यादा कमाई?
सोशल मीडिया अब सिर्फ मनोरंजन या नेटवर्किंग का जरिया नहीं रहा, बल्कि यह कमाई का एक ताकतवर प्लेटफॉर्म बन चुका है। आज कंटेंट क्रिएटर्स वीडियो, रील्स, स्टोरीज और पोस्ट के जरिए लाखों से करोड़ों रुपये तक कमा रहे हैं।
ऐसे में सवाल उठता है—यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम में से सबसे ज्यादा कमाई कहां से होती है? और यह कमाई क्रिएटर्स तक कब और कैसे पहुंचती है? आइए जानते हैं,
1. यूट्यूब (YouTube)
सबसे पहले यूट्यूब की बात करते है, यहां मुख्य कमाई का स्रोत Google AdSense है, यानी वीडियोज पर दिखने वाले विज्ञापनों से कमाई होती हैं।
इसके अलावा क्रिएटर्स सुपर चैट, सुपर थैंक्स, चैनल मेंबरशिप, ब्रांड स्पॉन्सरशिप और Affiliate Marketing से भी अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं।
यूट्यूब की कमाई सीधे आपके Google AdSense अकाउंट में जाती है। जब कुल कमाई $100 (करीब ₹8,500) तक पहुंच जाती है, तो हर महीने की 21 से 26 तारीख के बीच पैसे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।
कमाई का अनुमान:
- 1,000 व्यूज़ पर ₹10 से ₹100 तक (यह कंटेंट की कैटेगरी और ऑडियंस पर निर्भर करता है)।
- अगर ऑडियंस विदेशी है और इंगेजमेंट अच्छा है तो CPM (Cost Per Mille) और भी ज्यादा हो सकता है।
2. फेसबुक (Facebook)
अब बात करें Facebook की, तो यहां कमाई के मुख्य स्रोत हैं:
- In-stream Ads (वीडियो के बीच में दिखने वाले विज्ञापन)
- ब्रांडेड कंटेंट
- Facebook Stars
- एफिलिएट मार्केटिंग
योग्यता (Eligibility):
- पेज पर 10,000 फॉलोअर्स होने चाहिए।
- पिछले 60 दिनों में 60,000 मिनट का वॉच टाइम जरूरी है।
भुगतान प्रक्रिया:
Facebook कमाई को Ad Manager के जरिए सीधे आपके PayPal या बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करता है। भुगतान हर महीने की 21 तारीख के आसपास होता है।
कमाई का अनुमान:
- CPM (Cost Per Mille) आमतौर पर ₹20–₹80 प्रति 1,000 व्यूज़।
- अगर वीडियो की लंबाई और इंगेजमेंट ज्यादा है, तो आय भी बढ़ सकती है।
3. इंस्टाग्राम (Instagram)
इंस्टाग्राम पर यूट्यूब या फेसबुक की तरह सीधे विज्ञापनों से कमाई नहीं होती, क्योंकि प्लेटफॉर्म खुद कंटेंट पर एड्स नहीं दिखाता। यहां कमाई के मुख्य स्रोत हैं:
- ब्रांड स्पॉन्सरशिप (Brand Deals)
- एफिलिएट मार्केटिंग
- Instagram Bonus Program (फिलहाल कुछ देशों में उपलब्ध)
- रिल्स मोनेटाइजेशन (सीमित फीचर्स के साथ)
भुगतान प्रक्रिया:
इंस्टाग्राम से डायरेक्ट पेमेंट की सुविधा अभी सीमित है। ज्यादातर कमाई ब्रांड डील्स के जरिए होती है, जो क्रिएटर और ब्रांड के बीच सीधे तय होती हैं।
कमाई का अनुमान:
- 10,000+ फॉलोअर्स वाले अकाउंट प्रति पोस्ट ₹5,000 से ₹50,000 तक कमा सकते हैं।
- बड़े इंफ्लुएंसर्स और सेलेब्रिटी अकाउंट्स की कमाई लाखों रुपये प्रति पोस्ट तक पहुंच जाती है।
कुल मिलाकर अगर आप लगातार क्वालिटी कंटेंट बनाते हैं और एक मजबूत फैनबेस तैयार कर पाते हैं, तो YouTube सबसे स्थायी और भरोसेमंद कमाई का जरिया साबित हो सकता है।
Instagram ब्रांड डील्स और एफिलिएट मार्केटिंग के लिए बेहतरीन है, जबकि Facebook वीडियो क्रिएटर्स के लिए एक अच्छा विकल्प है।
अगर आपका लक्ष्य है लंबी अवधि की स्थिर आय, तो YouTube और Instagram पर फोकस करना सबसे बेहतर रणनीति होगी।