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गणतंत्र दिवस पर भाषण - Republic Day Speech in Hindi 2022

Republic Day Speech in Hindi: 26 जनवरी को हर साल गणतंत्र दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। भारत 2022 में अपना 73वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। गणतंत्र दिवस पर हमारे देश का राष्ट्रपति भाषण देता है, उनके द्वारा तिरंगा फहराया जाता है और सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देता है। स्कूलों में रिपब्लिक डे सभी बच्चे और शिक्षक खुशी और उत्साह से मनाते है। शिक्षक भाषण देते है और कुछ होशियार बच्चों को गणतंत्र दिवस पर दो शब्द बोलने के लिए आमंत्रित किया जाता है। Best Speech on Republic Day in Hindi, 26 January Speech in Hindi.

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अगर आप विद्यार्थी है और आपको भी अपने स्कूल में इस २६ जनवरी पर भाषण बोलना हैं तो यहाँ हम खासकर विद्यार्थियों के लिए गणतंत्र दिवस पर भाषण, रिपब्लिक डे हिंदी भाषण प्रस्तुत करा रहे हैं।

यदि आपको रिपब्लिक डे पर निबंध चाहिए तो नीचे वाली पोस्ट में आपको कई सारे Republic Day Essay in Hindi मिल जायेंगे।

यहाँ दी गयी रिपब्लिक डे हिंदी स्पीच का इस्तेमाल स्टूडेंट गणतंत्र दिवस के भाषण में कर सकते हैं। छात्र यहाँ से अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार 26 जनवरी के लिए भाषण चुन सकते हैं।

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर भाषण - Republic Day Speech in Hindi, 26 January Speech in Hindi

यहाँ दिए गए रिपब्लिक डे भाषण का इस्तेमाल शिक्षक, छात्र या कोई भी देशवासी 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस के अवसर पर बेझिझक कर सकता हैं। यह Republic day Speech in Hindi सबके अंदर देश के प्रति प्यार और कुछ करने का जज्बा जगायेंगी।

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Republic Day Speech in Hindi Language for Students

सबको सुप्रभात,

मेरा नाम आलिया है, मैं १० वीं कक्षा में पढ़ती हूँ। आप सबको गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं। आज मैं इस शुभ अवसर पर आपको कुछ बताना चाहती हूँ।

माननीय प्रधानाचार्य जी, अध्यापकगण, गणमान्य अतिथियों और मेरे प्यारे सहपाठियों आप सबको गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

आज हम सब भारत का 71 वां रिपब्लिक डे मनाने के लिए इकठ्ठा हुए हैं। इस शुभ दिन को पुरे देश में मनाया जाता हैं। स्कूलों में इस राष्ट्रिय दिवस को मनाने का एक विशेष महत्व हैं। क्योंकि स्कूलों में पढ़ने वाली युवा पीढ़ी को ही बड़े होकर भारत का नेतृत्व करना हैं।

स्कूलों में पढने वाले बच्चे ही कल के नेता बनेंगे। इसलिए हमारे अध्यापकों द्वारा सिखाई गई राह पर चलने से हम योग्य नेता, नागरिक बन सकेंगे। हम हर सुबह प्रण लेते है कि हम सब भारतवासी हैं। सारे भारतवासी भाई बहन हैं।

लेकिन अफ़सोस कि बात यह है की हम बड़े होने के बाद ये सारी प्रतिज्ञाएँ और संकल्प भूल जाते है और कुछ स्वार्थी तत्वों के झांसे में आकर जाति धर्म के नाम पर लड़ाई झगड़ा करना शुरू कर देते हैं।

इसलिए हम अध्यापकों द्वारा सिखाये गए सबक को भी भूल जाते हैं कि हमारा भारत देश अनेकता में एकता का अनूठा उदाहरण हैं। अनेकता में एकता होने के बाद भी हमारा देश बहुत सुंदर हैं।

हमारे देश की खूबसूरती की तुलना स्वर्ग से की जाती हैं। तो क्या हमारा कर्तव्य नहीं बनता कि हम अपने देश के भविष्य को और उज्ज्वल करें। प्यारे दोस्तों, इसके लिए हमें एक विद्यार्थी होने के नाते कड़ी मेहनत करनी होगी।

अपने माता-पिता और अध्यापकों के सुझावों पर गौर करना होगा। उनका पालन करना होगा। अपने से बड़ो द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करना होगा।

हमें केवल परीक्षा में ही अच्छे अंक नहीं लाने हैं। बल्कि उन मूल्यों और नैतिकता का भी पालन करना हैं जो हमें स्कूलों में सिखाये जाते हैं।

हमारा गणतंत्र दिवस मनाना तब और भी सौभान्य और शानदार कहलायेगा जब हम सब अपना काम ईमानदारी और निष्ठापूर्वक करेंगे। हम सब उन नैतिक मूल्यों और आदर्शों का पालन करे, जिनके लिए हमारा भारत सदियों से जाना जाता हैं।

इसलिए इस शुभ अवसर पर, आओ हम सब अपने भारत की सुंदर और सुनहरे भविष्य की कामना करते हुए एक बार मिलकर बोले, जय हिन्द। धन्यवाद!

26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर भाषण 2022

माननीय मुख्य अतिथि, आदरणीय अध्यापकगण और मेरे स्कूल के सभी प्यारे दोस्तों।

आज मैं आपको 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर छोटा सा भाषण देने जा रहा हूँ। कृपया आप मेरा यह भाषण शांति और ध्यानपूर्वक सुने यह आपसे मेरी विनती हैं।

आज हम यहाँ 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर को मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। आज हमारे गणतंत्र दिवस को 72 साल पूरे हो चुके हैं। 26 जनवरी का दिन हर वर्ष पूरे भारत में गणतंत्र दिवस के रूप में बहुत उत्साह और ख़ुशी से मनाया जाता हैं।

यह दिन मनाने का प्रमुख कारण यह है कि जब भारत १५ अगस्त १९४७ में आजाद हुआ तब भारत स्वशासित देश नही था। 26 जनवरी १९५० को जब भारत का संविधान लागु हुआ तब भारत एक स्व-शासित देश बन गया। इसी के कारण 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में उत्साह से मनाया जाता हैं।

गणतंत्र का अर्थ सभी देश के लोगों को शक्ति और स्वतंत्रता हैं ताकि देश को सही दिशा या क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए अपने नेताओं को चुन सके। भारत एक गणराज्य देश हैं जहाँ जनता एक नेता, प्रधानमंत्री आदि के रूप में अपने नेताओं का चुनाव करती हैं।

भारत की जनता को स्वतंत्रता का अधिकार हैं। हमारा संविधान एक हैं। हम सब भारत के नागरिक हैं। जब हम किसी दुसरे देश में जाते हैं तो हमारी पहचान एक भारतीय के रूप में होती हैं। विभिन्नताएं तो हमारे देश को और सुन्दर बनाती हैं।

हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत में पूर्ण स्वराज लाने के लिए बहुत संघर्ष किया हैं। भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने ऐसा इसलिए किया ताकि उनकी आने वाली पीढ़ी को कोई संघर्ष नहीं करना पड़े और नई पीढ़ी देश को आगे लेकर जा सकें।

हम भारतियों को इन महापुरुषों के अपने देश के प्रति उनके योगदान और बलिदानों को कभी नहीं भूलना चाहिए। हमें इन महापुरूषों को याद रखना चाहिए और सलाम करना चाहिए। आज खुले आसमां में उड़े रहे हैं।

यह केवल उनके योगदान और बलिदानों के कारण ही संभव हो पाया हैं। इनके योगदान के कारण हम स्वतंत्र रूप में से सकते हैं। हमें भारतीय होने पर फक्र होना चाहिए।

26 जनवरी और गणतंत्र दिवस के दिन हमें देश का वास्तविक अर्थ और मानवता की महत्वपूर्ण संस्कृति को सुरक्षित करने की शपथ लेनी चाहिए।

जय हिन्द, जय भारत। धन्यवाद!

छात्रों के लिए गणतंत्र दिवस पर भाषण

आदरणीय प्रधानाध्यापिका, अतिथिगन, शिक्षकों और मेरे प्यारे सहपाठियों

आज हम सब यहाँ भारत का 72वाँ गणतंत्र दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। सभी आज के इस शुभ अवसर को केंद्र सरकार, राज्यों की सरकारें, औध्योगिक इकाईयाँ, सरकारी कार्यालय, विधिक संस्थान आदि अपने-अपने तरीकों से मना रहे हैं। इस दिन कहीं पर गणतंत्र परेड होती है तो कहीं पर संस्कृतिक प्रोग्राम होते हैं।

सभी विद्यालयों में इस दिन को मनाया जाता हैं। उनकी तरह आज हम भी अपने स्कूल में इस इन को उत्साह और उल्लास के साथ मनाने के लिए इकठ्ठा हुए हैं। पाठशालाओं में इस राष्ट्रिय दिन को मनाने का एक विशेष महत्व हैं। हमारी स्कूलों में पढ़ रहे युवा बच्चे ही भारत का भविष्य के दिशा-निर्देश होंगे।

अगर हम इन बच्चों को सही मार्ग दिखायेंगे तभी ही ये भविष्य में योग्य नेता बन पाएंगें। स्वतंत्रता सेनानियों के लंबें संघर्ष के बाद हम 26 जनवरी 1950 को स्व-शासित हुए। इस दिन हमारा नया संविधान लागू हुआ। इन 72 सालों में बहुत विकास भी हुआ लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी हैं। हमारे देश में भ्रष्टाचार, जातिगत भेदभाव, निरक्षकता, गंदगी, प्रदुषण, बीमारियाँ और गरीबी आदि को दूर करना हमारा कर्तव्य हैं।

अगर हमें इन्हें दूर करना है तो हमें एकजूट होना होगा जिसमें विद्यार्थियों की अहम भूमिका हैं। लेकिन पछतावे की बात यह है की हमारे कुछ नागरिक स्कूलों में ली गई शपथ और प्रतिज्ञाओं को जल्दी ही भूल जाते हैं। ये लोग जाती और धर्म के नाम पर लढाई-झगड़ों, लूटपाट जैसे अवैध वारदातों में शामिल होने लग जाते हैं हमें इन गलत और स्वार्थी लोगों से बचना भी है और इन्हें सही राह भी दिखानी हैं।

थोड़ी देर के लिए, सोचों की पूरे संसार में कोई एक ऐसा देश है जिसकी संस्कृति में, जिसके धर्मों में, जिसकी जातियों में, जिसकी भाषाओँ में, भोजन में, पोशाकों में, जिसकी वेश-भूषाओं में, जीव-जंतुओं, जिसके वन-प्राणियों में, वनस्पति में, जिसकी मिट्टी में, जिसके पर्वतों में और नदियों में इतना भेदभाव हों? और इतनी विभिन्नताओं के होते हुए भी हमारा यह विशाल देश एक हैं।

जब कोई देशभक्ति गाना बजता है, देश के किसी भी एक कोने में कोई दुर्घटना होती हैं तो क्या हम सब उसका दर्द महसूस नहीं करते? यह इसलिए होता है क्योंकि हम सब एक ही भारत माँ की संतान हैं। हमारा संविधान एक हैं। हम सब भारत के नागरिक हैं। जब हम किसी दुसरे देश में जाते हैं तो हमारी पहचान एक भारतीय के रूप में होती हैं। भेदभाव तो हमारे देश को सबसे खूबसूरत बनाती हैं।

वह मोतियों या रंगबिरंगे फूलों का हार कितना सुंदर दिखता हैं। वैसे ही हमारे देश को इसकी विभिन्नताएँ इसको और आकर्षक और मन को मोह लेना वाला बनाती हैं। तो मेरे सहपाठियों, जब हमारा भारत इतनी विभिन्नताओं के बावजूद भी इतना सुंदर देश हैं। तो क्या यह हमारा कर्तव्य नहीं बनता है की हम अपने देश का भविष्य और मजबूत और उज्ज्वल करें।

विद्यार्थी होने के नाते हमें कड़ी मेहनत करनी होगी। हमें अपने माँ-बाप और शिक्षकों के सुझावों का पालन करना चाहिये और उनकी योग्य सलाह को मानना होगा। आओ आज हम सब मिलकर उन नैतिक मूल्यों और आदर्शों का पालन करने और अपनाने का प्रण लें जिनके लिए हमारा देश सदियों से जाना जाता हैं। इसलिए इस शुभ मौके पर आओ हम सब भारतीय मिलकर अपने भारत के सुनहरे और उज्ज्वल भविष्य की कामना करें।

धन्यवाद|

शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए रिपब्लिक डे 26 जनवरी पर भाषण

महानुभावों, मेरे आदरणीय शिक्षकों और मेरे प्रिय मित्रों को सुप्रभात।

मैं भारत के लिए इस श्रद्धेय अवसर पर हमारे देश के बारे में कुछ कहने के लिए बहुत उत्साहित हूं, जिसे गणतंत्र दिवस के रूप में जाना जाता है।

1950 से गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है। आज हम सभी अपने देश का 72 वाँ गणतंत्र दिवस मनाने के लिए यहाँ हैं। 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ, इसलिए हम इस दिन को भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।

हालाँकि, संविधान को 26 नवंबर 1949 को घटक विधानसभा द्वारा अपनाया गया था। 26 जनवरी को, भारत को 1930 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज घोषित किया गया था, इसीलिए 26 संविधान को भारतीय संविधान को लागू करने के लिए चुना गया था।

गणतंत्र दिवस पर भारतीय गेट के सामने राजपथ पर नई दिल्ली में भारत के शासन द्वारा भव्य व्यवस्था की जाती है। हर साल भारत के प्रधान मंत्री राजपथ के भारतीय ध्वज की मेजबानी के लिए एक मुख्य अतिथि होते हैं।

सेना की सेना, और सभी सेना भारत की संस्कृति और परंपरा को दिखाने के लिए परेड में भाग लेती है। हम अन्य देश से मुख्य उत्साह को आमंत्रित करते हैं। यह हमारी परंपरा को दर्शाता है "अति देवो भव।"

भारत के राष्ट्रपति, जो भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुख और भारत के प्रधान मंत्री के प्रमुख हैं और अमर जवान ज्योति भारतीय गेट पर बलिदान हुए भारतीय सैनिकों को पुष्पांजलि देते हैं।

हमारे महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों और भारतीय नेताओं में महात्मा गाँधी, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आज़ाद, लाला लाजपत राय, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री, आदि हैं।

हमारे देश भारत को एक आज़ाद देश बनाने के लिए ब्रिटिश शासन को भूल जाओ।

गणतंत्र दिवस का मतलब देश में रहने वाले लोगों की सर्वोच्च शक्ति है और देश को सही दिशा देने के लिए राजनीतिक प्रतिनिधि के रूप में अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करने का अधिकार केवल जनता को है।

इसलिए भारत एक गणतंत्र देश है जहाँ हम लोग अपने नेताओं को राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, आदि के रूप में चुनते हैं। भारत में गणतंत्र के लोगों के मौलिक अधिकार और कर्तव्यों को हमारे संविधान में रखा गया है।

भारत का प्रत्येक नागरिक कानून की नज़र में समान है, और किसी को भी धर्म, कुरीति, जाति, रंग या नस्ल के कारण नहीं घबराना पड़ता है।

आप सभी को एक बार फिर से गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और उम्मीद है कि हम जल्द ही विकास और समृद्धि के लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे, साथ में!

73th Republic Day 2022, 26 January Speech in Hindi

सबसे पहले, आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई। आज हम सब यहाँ 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के इस शुभ अवसर को मनाने के लिए इकट्ठे हुए हैं। इस साल हम गणतंत्र दिवस का 72वाँ वर्ष मना रहे हैं। जैसा की हम सभी जानते हैं की गणतंत्र दिवस हम सभी के लिए एक शुभ अवसर हैं।

हम इस दिन को बहुत उत्साह और खुशी से मनाते हैं क्योंकि 1950 में भारत का संविधान 26 जनवरी को लागू हुआ था। ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता पाने के बाद 1947 में भारत स्व-शासित देश नहीं था। 1950 में जब भारत का संविधान लागू हुआ तो भारत एक स्व-शासित देश बन गया। इसलिए हम प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के रूप में इस दिन को हर्षोल्लास से मनाते हैं।

गणतंत्र का अर्थ सभी देश के लोगों को शक्ति और आजादी हैं ताकि देश को सही क्षेत्र या दिशा में नेतृत्व करने के लिए अपने नेताओं को चुन सकें। भारत एक गणराज्य देश हैं जिसमें जनता एक नेता, प्रधानमंत्री के रूप में अपने नेताओं का चुनाव करते हैं। हमारे महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत में "पूर्ण गणराज्य" लाने के लिए कड़ा संघर्ष किया हैं।

उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उनकी आने वाली पीढ़ी को कोई संघर्ष न करने पड़ें और वो देश को आगे ले जा सकें। उन्हीं में से स्वतंत्रता सेनानी जैसे महात्मा गाँधी, जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादूर शास्त्री, चंद्र शेखर आजाद, भगत सिंह, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाजपत राय आदि हैं। यह सभी महापुरुष भारत को एक स्वतंत्र देश बनाने के लिए ब्रिटिश शासन के खिलाफ लगातार लड़ें।

हम सभी भारतियों को इन महापुरुषों के अपने देश के प्रति उनके बलिदानों को कभी नहीं भूलना चाहिए। हमें उन महापुरुषों को याद रखना चाहिए और उन्हें सलाम करना चाहिए। यह केवल उनके कारण ही संभव हो पाया हैं की हम अपने देश में स्वतंत्र रूप से जी सकते हैं।

मुझे भारतीय नागरिक होने पर गर्व हैं और इस दिन हमें अपने देश का वास्तविक अर्थ और मानवता की महत्वपूर्ण संस्कृति को संरक्षित करने के लिए एक शपथ लेनी चाहिए।

जय भारत। धन्यवाद।

Short Speech on Republic Day in Hindi for 26 January 2022

सम्मानित प्रिंसीपल मैडम, मेरे आदरणीय सर, मैडम और मेरे सभी साथियों को सुप्रभात।

मैं यह कहना चाहूंगा कि धन्यवाद, आपने मुझे हमारे गणतंत्र दिवस पर कुछ बात करने का इतना अविश्वसनीय मौका दिया। मेरा नाम ........ है, मैं ..... कक्षा में पढ़ता हूं।

आज, हम हमारे देश के 73 वें गणतंत्र दिवस का जश्न मनाने के लिए यहाँ हैं।

यह हम में से हर एक के लिए एक अविश्वसनीय और अनुकूल घटना है। हमें गणतंत्र दिवस के लिए एक-दूसरे का स्वागत करना होगा और हमें अपने देश को बढ़ाने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करनी होगी।

हम भारत में गणतंत्र दिवस को लगातार 26 वें दिन मनाते हैं क्योंकि इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। हम 1950 से लगातार भारत के गणतंत्र दिवस की प्रशंसा कर रहे हैं, क्योंकि 1950 में 26 जनवरी को भारत का संविधान अड़चन में आया था।

भारत निष्पक्ष और लोकतांत्रिक राष्ट्र है जहां खुले राष्ट्र को नेतृत्व करने के लिए अपने अग्रदूतों को चुनने की मंजूरी है।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद हमारे भारत के पहले राष्ट्रपति थे। चूँकि हमें 1947 में ब्रिटिश शासन से स्वायत्तता मिली थी, इसलिए हमारे देश ने एक टन का निर्माण किया और प्रभावी राष्ट्रों का एक हिस्सा माना।

कुछ सुधारों के साथ, कुछ नुकसान भी इस तरह की असमानता, विनाश, बेरोजगारी, अवहेलना, शिक्षा के विज्ञापन, और इसी तरह से उभरे हैं।

हमें आज अपने देश को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने के लिए आम जनता में ऐसे मुद्दों को हल करने का वादा करना होगा।

Gantantra Diwas Par Bhashan (26 January Ke Liye Bhashan)

माननीय मुख्य अतिथि, मैं सभी सम्मानित सज्जनों को सलाम करता हूं। सबसे पहले, प्रत्येक नागरिक को भारत का 71 वाँ गणतंत्र दिवस मुबारक हो।

इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। इसके पहले, भारत अधिनियम, 1935 के शासन द्वारा शासित था। भारतीय संविधान सभा द्वारा २६ नवम्बर १ ९ ४ ९ को संविधान को अंगीकार किया गया और २६ जनवरी १ ९ ५० को लागू हुआ।

डॉ भीमराव अम्बेडकर संविधान प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे जिसने भारत का संविधान लिखा था। आपको आश्चर्य होगा कि गणतंत्र दिवस परेड जैसा कि आज हम देखते हैं, पहली बार 1955 में आयोजित किया गया था और पहली बार राजपथ पर आयोजित किया गया था।

1950 से 1954 तक, गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन लाल किले, रामलीला मैदान, किंग्सवे कैंप और इरविन स्टेडियम जैसे विभिन्न स्थानों पर किया गया।

डॉ। राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे, जिन्होंने 26 जनवरी, 1950 को राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय तिरंगा फहराने वाले पहले राष्ट्रपति थे।

यह वही वर्ष था जब राष्ट्रपति के घर का नाम बदलकर "राष्ट्रपति भवन" कर दिया गया था। भारत में गणतंत्र दिवस की परेड राजपथ पर आयोजित की जाती है, नई दिल्ली में हर साल भारत के राष्ट्रपति के साथ, अंतर्राष्ट्रीय अतिथि सम्मान के साथ, अध्यक्षता करते हैं।

पदयात्रा की शुरुआत राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित सैन्य और सिविल सेवा के लिए सम्मान प्राप्तकर्ताओं को प्रस्तुत करने के लिए की जाती है, जिसके बाद सैन्य दल का अनुसरण किया जाता है, जो विजयी चौक से परेड शुरू करते है और लाल किले में समाप्त होता है।

यह वह दिन है जब भारत अपनी सेना को अपने शस्त्रागार में नवीनतम हथियारों और उपकरणों के साथ जनता से उजागर करता है। भारत में गणतंत्र के लोगों के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को हमारे संविधान में शामिल किया गया है।

भारत का प्रत्येक नागरिक कानून की नज़र में समान है, और किसी को भी धर्म, पंथ, जाति, रंग या नस्ल के कारण नहीं भुगतना पड़ता है। हमें 1947 में ब्रिटिश शासन से आजादी मिली, हमारा देश बहुत विकसित हुआ और शक्तिशाली देशों में गिना जाने लगा।

कुछ विकासों के साथ, कुछ कमियाँ भी उत्पन्न हुई हैं जैसे कि असमानता, गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अशिक्षा, आदि। हमें अपने देश को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ देश बनाने के लिए समाज में ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए आज संकल्प लेने की आवश्यकता है।

रिपब्लिक डे पर भाषण हिंदी में

आदरणीय मुख्य अतिथि, प्राचार्य, शिक्षकों, माता-पिता और मेरे सभी प्रिय मित्रों, आप सभी को इस गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।

मैं आज के महान अवसर के बारे में कुछ शब्द बोलना चाहूंगा।

आज 26 जनवरी को हम अपने देश का 72 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। हमारा देश 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से मुक्त हो गया।

इसकी वजह हमारे महान स्वतंत्रता सेनानी जैसे महात्मा गाँधी, जवाहर लाल नेहरू, भगत सिंह, सुभाष चंद्रा बोस और कई और थे जिन्होंने संघर्ष किया और हमारे देश की आज़ादी के लिए बलिदान दिया।

भारत का संविधान डॉ। बाबासाहेब अम्बेडकर की अध्यक्षता में मसौदा समिति द्वारा तैयार किया गया था और यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था, तब से हम हर साल इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।

गणतंत्र का मतलब है कि देश के लोगों को देश के विकास के लिए अपने राजनीतिक नेताओं का चुनाव करने का अधिकार है। देश के सिटीजन के रूप में हम भी इसके विकास के लिए जिम्मेदार हैं।

इसलिए हम सभी आज अपने देश के विकास और समृद्धि के लिए कड़ी मेहनत करने की शपथ लेंगे।

इसके साथ मैं अपना भाषण समाप्त करता हूं। मेरी राय व्यक्त करने के लिए इस अवसर के लिए आप सभी को धन्यवाद।

Republic Day Speech in Hindi for Teachers

आदरणीय अध्यक्ष महोदय, मुख्य अतिथि, प्रधानाध्यापक, गुरुजनों, ग्रामवासियों और मेरे प्यारे भाई-बहनों आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाईयाँ।

लंबी दास्तान के बाद 15 अगस्त 1997 को भारत ने गुलामी की कालिमा को पोंछ दिया और 26 जनवरी 1950 को भारत का गणतंत्र संपन्न किया। विश्व के तमाम देशों के बीच आज हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में रह रहे हैं। भारत की सुनीता विलियम्स अन्तरिक्ष में जाकर हमारा नाम रोशन कर रही हैं। हम परमाणु संपन्न देश हैं। विश्व की श्रेष्ठतम सेनाओं में से एक हमारी भारतीय सेना।

लेकिन फिर भी अभी कई क्षेत्रों में हमारा गणतंत्र अधूरा हैं। "क्या ऐसे ही अधूरे भारत का सपना देखा था शहीदों ने।" नहीं, अपने दिल पर हाथ रखकर पूछिये क्या देश आजाद हैं? आप माने या ना माने सच तो यह है की आज गणतंत्र दिवस जैसे त्यौहार एक औपचारिकता भर रह गये हैं।

यह कैसा गणतंत्र है जहाँ करोड़ों लोगों को रहने के लिए झोंपड़ी तक नहीं मिलती और वहीँ दूसरी तरफ कुछ लोग बड़ी-बड़ी अट्टालिका में रहते हैं। झंडा फहराने से असली गणतंत्र नहीं आएगा, केवल जन-गण-मन गाने से असली गणतंत्र नहीं आएगा। हर व्यक्ति को अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार होना पड़ेगा तभी असली गणतंत्र आएगा।

तुम्हारी सर परस्ती में जले हैं कितने घर सोचों,
काटे हैं कितने सर, इसका तुम्हें एहसास क्या होगा,
बहा दो खून सडकों पर मगर इतना तो बतला दो,
वतन जब खून मांगेगा, तुम्हारे पास क्या होगा?

23 मार्च 1931 को 23 वर्ष की उम्र में जब सरदार भगत सिंह को फांसी पर चढ़ाने की तैयारी हो रही थी तब उनकी माँ अपने बेटे से आखरी मुलाकत के लिए जेल गई। सरदार भगत सिंह ने देखा की माँ की आँखों में आँसू हैं। तब उन्होंने पूछा - ऐ माँ तू रो क्यों रही हैं? मैं फांसी के फंदे पर चढ़कर मर थोड़े ही रहा हूँ।

तब माँ विधावती ने अपने बेटे भगतसिंह से कहा - मैं इसलिए रो रही हूँ की तू फांसी पर चढ़कर मरने जा रहा हैं। मैं इसलिए रो रही हूँ की काश मेरी कोख ने तेरे जैसा एक और बेटा पैदा किया होता तो मैं उसका जीवन भी भारत माता के लिए कुर्बान कर देती।

आज के अभिमानी अवसर पर जरूरत इस बात की हैं की हम अपने मन की मुंडेर पर आत्मविश्वास के चिराग रोशन करें। तभी हमें सच्ची आजादी की मंजिल मिलेगी और मंजिल उन्हें मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती हैं, पंख होने से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती हैं।

आईये जीवन के शेष बचे दिनों में इस बंजर जमीन पर ईमानदारी की फसल उगायें और अपने देश के विकास में निस्वार्थ भागीदारी निभायें।

अंतिम शब्द,

यहाँ दिए गणतंत्र दिवस (रिपब्लिक डे) पर भाषण में से आप अपने जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर सकते हैं। हम आशा करते हैं कि विद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों के लिए यहाँ दिए गए रिपब्लिक डे पर भाषण मददगार साबित होंगे।

इनके अलावा कोई भी देशप्रेमी देश के प्रति अपना प्यार दिखाने के लिए 26 जनवरी के अवसर पर इन Republic Day Hindi Speech का इस्तेमाल कर सकता हैं।

अगर आप 26 जनवरी के लिए गणतंत्र दिवस पर शायरी या कविता की तलाश कर रहे हैं तो नीचे वाले आर्टिकल आप ही का इंतजार कर रहे हैं।

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मुझे लिखने का बहुत शौक है। इस ब्लॉग पर मैं एजुकेशन और फेस्टिवल से रिलेटेड आर्टिकल लिखता हूँ।

Comments ( 1 )

  1. मुझे एक ओर भाषण चाहिए जब हमे विद्यालय से विदाई दी जाती तब हमेँ किस प्रकार भाषण बोलना चाहिए।

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