3 प्रेरणादायक हिंदी कहानियां जो जिंदगी बदल दे

आपको खुद पर गंभीरता से विश्वास करना होगा, आपको अपने आप पर भरोसा करने की जरूरत है आपको खड़े होने और खुद के लिए लड़ने की जरूरत है जीवन में सबसे अच्छा और शक्तिशाली प्रेरणा स्वयं प्रेरणा है शांत रहें और अपने आप में विश्वास करें ऐसा करके आप अपनी जिंदगी बदल सकते हैं। यहां 3 प्रेरणादायक कहानियां है जो आपकी जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव कर सकती हैं।

प्रेरणादायक कहानियां जो आपकी जिंदगी बदल दें

दो पत्थरों की प्रेरणादायक कहानी - 3 प्रेरणादायक कहानियां

एक समय की बात है किसी गाव में एक शिल्पकार रहता था जो पत्थरों की मूर्ति बनाकर अपना पेट भरता था, एक दिन वो शिल्पकार अपने औजारों को अपने थैले में भरकर जंगल की और चल देता है, थोड़ी दूर चलते-चलते उसको रस्ते में एक पेड़ के पास एक बहुत ही सुन्दर पत्थर दिखाई देता हैं।

शिल्पकार सोचता है की "क्यों ना मैं इस पत्थर से एक मूर्ति बना लू" थोड़ी देर सोचने के बाद शिल्पकार अपने थैले में से अपने औजारों को बाहर निकालता है और उस पत्थर को तराशना (काटना) शुरू कर देता है।

तभी पत्थर में से एक आवाज आती है "अरे भाई रहने दो ना, बहुत दर्द हो रहा है" यह सुनकर शिल्पकार अपने औजारों को अपने थैले में भरकर आगे चल देता है।

चलते-चलते थोड़ी आगे उस कलाकार को और एक सुन्दर पत्थर दिखाई देता है, शिल्पकार को वो पत्थर बहुत अच्छा लगा और वो उस दुसरे पत्थर की भी मूर्ति बनाने के लिए थैले में से अपने औजार निकालता है और उस पत्थर में से एक भगवान की मूर्ति बनाना शुरू कर देता है।

शिल्पकार ने उस पत्थर को इतनी अच्छी मूर्ति का रुप दिया की उस मूर्ति को देखने से ऐसा लगता है की ये मूर्ति अभी बोल पड़ेगी, बस वो शिल्पकार उस मूर्ति को वही छोड़कर आगे चल देता है।

चलते-चलते वो एक गाव में पहुंच जाता है और देखता है की उस गाव में एक बहुत सुंदर मंदिर का निर्माण चल रहा होता है, और बाहर के लोग आपस में बातचीत कर रहे होते है, उनकी बातें सुनकर उसे पता चलता है की मंदिर का निर्माण पूरा हो गया है लेकिन मूर्ति का बंदोबस्त अभी नहीं हुआ है और मूर्ति कहा से लायें।

यह सब सुनकर वो शिल्पकार उस गाव के सरपंच से कहता है, सरपंच जी आप मूर्ति की बिलकुल चिंता ना करें, आप बस जंगल के इस रस्ते पर चले जाए आपको एक पेड़ के नीचें एक सुंदर मूर्ति मिल जाएगी, मैं उस मूर्ति को बना कर बस इधर की और आ रहा हूं आप उस मूर्ति को इस मंदिर में स्थापित कर सकते हैं।

यह सुनकर गाव का सरपंच कुछ लोगों के साथ शिल्पकार के बताये रास्ते पर मूर्ति लाने चल देता है, उन्हें मूर्ति मिल जाती है और वे मूर्ति को लाकर मंदिर में स्थापित कर देते है, अब लोग आते है और मूर्ति के सामने अपना सर झुकाते है और मन्नत मांगते है मगर अभी भी उस मंदिर में नारीयल फोड़ने के लिए जगह नहीं थी।

तब गाव के सरपंच के मन में एक विचार आता है की नारियल फोड़ने के लिए मंदिर के बाहर एक पत्थर होना चाहिए, और सरपंच लोगों से एक पत्थर का इंतजाम करने के लिए कहता है, यह सुनकर वो कलाकार सरपंच को उस पहले वाले पत्थर के बारे में बताता हैं जिस पत्थर से उसने मूर्ति बनानी चाही लेकिन बना नहीं पाया था।

शिल्पकार की बात सुनकर सरपंच उस पत्थर को भी जंगल से उठवा लाता है और मंदिर के बाहर स्थापित करवा देता है। अब जो भी मंदिर में पूजा करने आता है उस पत्थर पर अपना नारियल फोड़ता है।

एक दिन मंदिर में दोपहर के वक्त कोई नहीं रहता है तब दोनों पत्थर आपस में बात कर रहे होते है। जिस पत्थर पर आज सब लोग नारियल फोड़ते है वो पत्थर मूर्ति वाले पत्थर से बोलता है "अरे वो पत्थर तेरी क्या किस्मत है तुझे आज भगवान बनाकर पूजा जा रहा है और तेरी आरती उतारी जा रही है।"

यह सुनने के बाद मूर्ति वाला पत्थर बोलता है - अगर तू मेरी तरहा सहन कर लिया होता तो आज तू मेरी जगह बैठा होता और लोग तेरी पूजा कर रहे होते और मुझ पर नारियल फोड़ रहे होते।

जी हां दोस्तों, अगर वो पत्थर, जिस पर आज नारियल फोड़ा जा रहा है अगर वो उस दिन दर्द सहन कर लेता तो आज वो भगवान होता और उसकी पूजा और आरती हो रही होती।

इस छोटी सी प्रेरणादायक कहानी से हमें क्या सीख मिलती है

इस कहानी से हमें बहुत बड़ी सीख मिलती है इस दुनिया में उस इंसान को पूजा जाता है जो success होता है और सफलता उन लोगों को ही मिलती है जो अपनी जिंदगी में कुछ करने और बनने के लिए बहुत दर्द सहन करता है।

इसलिए मैं आपसे कहना चाहूँगा की आप जो भी कर रहे है उसे पूरी लगन और कड़ी मेहनत से करें चाहे वो बिज़नस हो या फिर पढ़ाई, आपको success जरुर मिलेगी।

इस कहानी के जैसे हमारी कहानी है जो लोग दर्द सहन करते है वही अपने जीवन में कुछ बड़ा पन पाते है और उन्ही को लोग पूजते है। अब आप इस छोटी सी प्रेरणादायक कहानियां, कहानी से क्या सीख सकते है ये आपको पता चल गया होगा।

जीवन का मूल्य बताती प्रेरणादायक कहानी

बहुत पुराने ज़माने की बात है एक व्यक्ति ने भगवान बुद्ध से पूछा की जीवन का मूल्य क्या है, बुद्ध ने उसे जीवन की कीमत तो नहीं बताई लेकिन उसे एक stone (पत्थर) दे दिया और कहा - जा और इस stone की कीमत पता करके आ लेकिन ध्यान रहें इसे बेचना नहीं है।

वह आदमी stone को लेकर बाजार गया और एक सेब वाले के पास पहुंचा और सेब वाले से बोला - इसकी कीमत क्या है? सेब वाला चमकीले stone को देखकर बोला, "इस पत्थर के बदले में तुमे 15 सेब दे सकता हूं।

आगे एक सब्जी वाले ने उस चमकीले stone को देखकर एक बोरी आलु में देने के लिए कहा, फिर वो आदमी stone को सुनार की दुकान पर लेकर गया और सुनार को stone दिखाया, उस चमकीले stone को देखकर सुनार ने उसके बदले 50 लाख देने के लिए कहा।

उस आदमी ने मना कर दिया, तो सुनार बोला 1 करोड़ में दे दे, फिर भी उस आदमी ने stone देने से इंकार कर दिया, फिर सुनार बोला, अच्छा इसकी कीमत बता जो मांगेगा वही मूल्य दूंगा।

इतना सुनकर उस आदमी ने सुनार से कहा - मेरे गुरू ने इसका मूल्य पता करने के लिए कहा है उन्होंने इसे बेचने से मना किया है। उसके बाद वो आदमी स्टोन को लेकर एक हीरे बेचने वाले जौहरी के गया और उसे स्टोन दिखाया।

हमेशा यह विश्वास रखें की आप क्या हासिल करना चाहते है जो आप हासिल करना चाहते है उसे प्राप्त करने में विश्वास करना आप हासिल कर सकते हैं।

जौहरी की नजर उस बेसकिमती रूबी पर पड़ी तो पहले उसने एक लाल कपड़ा बिछाया और उस stone को कपड़े पर रखा, उसकी परिक्रमा लगाई और माथा टेका।

उसके बाद जौहरी उस आदमी से बोला - भाई कहा से लाया है ये बेसकिमती रूबी? सारी कायनात, पूरी दुनिया को बेचकर इसकी कीमत नहीं लगाई जा सकती, ये तो बेसकिमती है।

वह आदमी हैरान रहे गया और परेशान होकर सीधे बुद्ध के पास आ गया और बुद्ध को अपनी आप बिती बताई और बोला - भगवान अब बताओ मानवीय जीवन का क्या मूल्य है?

बुद्ध बोले - सेब वाले को दिखाया उसने इसकी कीमत 15 सेब बताये, सब्जी वाले के पास गया उसने इसकी कीमत एक बोरी आलु बताये, सुनार ने इसकी कीमत 1 करोड़ बताई और जौहरी ने इसे बेसकिमती बताया।

अब ऐसे ही मानवीय जीवन का मूल्य है, तु बेशक हीरा है लेकिन सामने वाला तेरी कीमत अपनी हैसियत और अपनी औकात के हिसाब से लगाएगा।

शुरूआती में आपको भी लोग 15 सेब के बराबर समझे लेकिन आखिर में आपको पहचानने वाला जरुर मिल जाएगा जो आपकी असली पहचान कर सकता हैं।

घमंडी शिक्षक

किसी कॉलेज में सेमिनार करवाया गया, उसमें एक शिक्षक भाषण देने के लिए स्टेज पर आया और स्टूडेंट्स से सवाल किया - क्या आप जानते है की मैं यहां किसी विषय पर भाषण देने के लिए स्टेज पर आया हूँ? सभी विद्यार्थियों ने नहीं में जवाब दिया।

इतना सुनकर शिक्षक नाराज हो गया और स्टेज से नीचे उतरकर जाने लगा, सभी शिक्षकों ने उसे मनाया और विनती करके उसे स्टेज पर वापस चढ़ाया पर ये क्या उस ज्ञानी शिक्षक ने फिर वही सवाल पूछा - सभी students ने इस बार हडबडी में हाँ में जवाब दिया।

मगर वह शिक्षक फिर स्टेज से उतरकर जाने लगा फिर उसे कॉलेज प्रबंधन ने किसी तरह मनाया और उसे स्टेज पर चढ़ाया लेकिन ये क्या अबकी बार भी उस ज्ञानी शिक्षक ने विद्यार्थियों से वही सवाल किया।

लेकिन इस बार एक स्टुडेंट उठा और उसने ज्ञानी शिक्षक से कहा "सर हम सब अज्ञानी है इसलिए आप अपना मूल्यवान समय हम सभी अज्ञानियों पर व्यर्थ ना करें" इतना कहकर सभी students सेमिनार छोडकर चले गये और घमंडी शिक्षक स्टेज पर अकेला खड़ा रह गया।

क्योंकि ये शिक्षक घमंडी के साथ मुर्ख भी था पर उसका घमंड चूर-चूर हो गया।

इस छोटी सी कहानी से हमें ये सीख मिलती है की हमें अपने जीवन में कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए क्योंकि घमंडी का साथ कोई नहीं देता और एक दिन वो अपने घमंड की वजह से अकेला रहे जाता है।

आशा करता हूं आपको इस पोस्ट में इन 3 प्रेरणादायक कहानियां से अच्छी सीख मिली होगी अगर मिली है तो इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ साझा करें ताकि आपकी वजह से कोई और इन कहानियों को पढ़ सकें।

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मुझे लिखने का बहुत शौक है। इस ब्लॉग पर मैं एजुकेशन और फेस्टिवल से रिलेटेड आर्टिकल लिखता हूँ।

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